Posts

कार्तिक की जीवनी

Image
  कार्तिक क्रिकेट की दुनिया हर रोज कोई सितारा चमकता है तो कोई चमकते-चमकते रह जाता है. पर कुछ प्रतिभाएं ऐसी होती है जिनका नाम इतिहास के पन्नो में लिखा जाता जो अपने और देश के लिए महान योगदान देकर जाते है. इसी तरह की प्रतिभा नज़र आती है इस खिलाड़ी में, जी हाँ दोस्तों कार्तिक त्यागी ये वो नाम है जो हाल ही में सबके सामने आया है और इसका कारण है इस खिलाड़ी का हुनर जिसकी तुलना बड़े-बड़े नामो के साथ की जा रही है. यहीं उम्मीद की जा रही है कि ये नाम भविष्य में बहुत बड़ा बनेगा. चलिए जानते है एक किसान के बेटे कार्तिक त्यागी की कहानी. उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रहने वाले, कार्तिक त्यागी एक भारतीय क्रिकेटर हैं जो दाएं हाथ से तेज गेंदबाज़ी करते है. कार्तिक का जन्म 8 नवम्बर 2000 को उतरप्रदेश के हापुर जिले के धनौरा गाँव में हुआ था. कार्तिक के पिता का नाम योगेन्द्र त्यागी है जो एक किसान है और खेती करते है. माता नीलम त्यागी, बहन नंदिनी त्यागी है. कार्तिक के पिता ने इसी के सहारे अपने बेटे को इस बड़े मुकाम तक पहुँचाया है. पूरा नाम कार्तिक त्यागी ( Kartik Tyagi ) पिता का नाम योगेन्द्र त्यागी माता का नाम नीलम ...

गणेश चतुर्थी

Image
गणेश चतुर्थी भारत एक ऐसा देश है जहाँ के लोगों का त्यौहारों से एक विशेष जुड़ाव है। यहाँ हम आये दिन कोई न कोई त्यौहार मानते हैं इसीलिए हम इसे त्यौहारों का देश भी कहते हैं। हमारे देश में विभिन्न संस्कृतियों का संगम देखने को मिलता है जिसके कारण आये दिन कोई न कोई त्यौहार होता है। लेकिन इन में से हमारे कुछ त्यौहार जैसे होली, रक्षाबंधन, दिवाली, ईद, क्रिसमस आदि ऐसे हैं जिन्हे हम सब देशवासी साथ मिल कर मनाते हैं। ऐसे ही त्यौहारों में से एक है गणेश चतुर्थी जिसे हम बहुत हर्षोल्लास के साथ बड़ी ही धूम-धाम से मनाते हैं। Ganesh Chaturthi का त्यौहार भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह गणेश चतुर्थी का त्यौहार करीब 11 दिनों तक चलता है। वैसे तो गणेश चतुर्थी पूरे देश में मनायी जाती है लेकिन पश्चिमी भारत में इसकी रौनक देखने ही वाली होती है। उनमे से खासकर मुंबई में, जहाँ इस दौरान देश भर के लोगो का ही नहीं अपितु विदेश तक के लोगो का ताता लगा रहता है। इस साल Ganesh Chaturthi 2021 का आयोजन 10 सितम्बर 2021 को किया जा रहा है। लोग गणेश चतुर्थी के समारोह के दौरान भाषण देते हैं और इसके विषय में बत...

अनुराग कश्यप की जीवनी

Image
अनुराग कश्यप उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जन्मे अनुराग कश्यप आज बॉलीवुड में एक मशहूर फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता और अभिनेता है। इनका जन्म 10 सितंबर 1972 को गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। वर्तमान में यह मायानगरी मुंबई में रहते है। अनुराग कश्यप ने बहुत ही कम समय में एक अच्छे फिल्म डायरेक्टर बन गए है जो किसी के लिए इतना आसान नहीं होता है। अनुराग कश्यप का परिवार –  इनके पिता का नाम प्रकाश सिंह है, माता का नाम ज्ञात नहीं है, अभिनव कश्यप (फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक) इनके भाई है, अनुभूति कश्यप इनकी बहन है, वर्तमान में यह तलाकशुदा है। इनकी दो पत्नी रह चुकी है एक का नाम आरती बजाज, फिल्म संपादक (2003-2009) है, और दूसरी जना का नाम है कल्कि कोचलिन (Kalki Koechlin) (2011-2015), इनकी एक बेटी है जिसका नाम आलिया कश्यप है। वास्तविक नाम – अनुराग सिंह कश्यप वर्तमान नाम – अनुराग कश्यप जन्म – 10 सितंबर 1972 जन्म स्थान – गोरखपुर, उत्तर प्रदेश प्रोफेशन – फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता और अभिनेता Anurag Kashyap Height – 178 Cm Anurag Kashyap Age – 48 Years Anura...

रामानन्द सागर की जीवनी

Image
रामानन्द सागर पूरा नाम चंद्रमौली चोपड़ा प्रसिद्ध नाम रामानन्द सागर जन्म 29 दिसम्बर 1917 जन्म भूमि लाहौर, ब्रिटिश भारत मृत्यु 12 दिसम्बर 2005 मृत्यु स्थान मुंबई, महाराष्ट्र कर्म भूमि भारत मुख्य रचनाएँ धारावाहिक- रामायण, कृष्णा, विक्रम बेताल, अलिफ़ लैला, जय गंगा मैया आदि। मुख्य फ़िल्में इंसानियत, कोहिनूर, पैगाम, आँखें, ललकार, चरस, आरज़ू, गीत, बग़ावत आदि। पुरस्कार-उपाधि पद्मश्री, फ़िल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (आँखें), फ़िल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ लेखक (पैग़ाम) विशेष योगदान उनके द्वारा निर्मित और निर्देशित धारावाहिक "रामायण" ने देश में अद्भुत सांस्कृतिक जागरण पैदा किया। नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी रामानन्द सागर ने 22 छोटी कहानियां, तीन वृहत लघु कहानी, दो क्रमिक कहानियां और दो नाटक लिखे। उन्होंने इन्हें अपने तखल्लुस चोपड़ा, बेदी और कश्मीरी के नाम से लिखा, लेकिन बाद में वह सागर तखल्लुस के साथ हमेशा के लिए रामानंद सागर बन गए। जीवन परिचय बहुमुखी प्रतिभा के धनी रामानन्द सागर का जन्म अविभाजित भारत के लाहौर ज़िले के "असलगुर...

अरविंद केजरीवाल की जीवनी

Image
  अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल भारतीय राजनीति में एक लोकप्रिय राजनेता और लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका जन्म हरियाणा के एक सुदूरवर्ती गाँव में हुआ था। बचपन से एक उज्ज्वल छात्र के रूप में, अरविंद ने पहले प्रयास में ही परीक्षा उत्तीर्ण की और पश्चिम बंगाल में आईआईटी खड़गपुर में दाखिला लिया। निजी जीवन पूरा नाम अरविंद केजरीवाल जन्म तिथि 16 Aug 1968 जन्म स्थान सिवानी, भिवानी जिला, हरियाणा, भारत पार्टी का नाम Aam Aadmi Party शिक्षा Graduate Professional व्यवसाय कार्यकर्ता, राजनेता पिता का नाम गोबिंद राम केजरीवाल माता का नाम गीता देवी जीवनसाथी का नाम सुनीता केजरीवाल जीवनसाथी का व्यवसाय भारतीय राजस्व अधिकारी संतान 1 पुत्र 1 पुत्री सम्पर्क स्थाई पता 87 ब्लॉक, बी.के.दत्त कॉलोनी नई दिल्ली -110001 वर्तमान पता बंगला नंबर 6, फ्लैग स्टाफ रोड, सिविल लाइंस, दिल्ली। रोचक तथ्‍य अरविंद केजरीवाल सादगी में विश्वास करते हैं और शाकाहारी हैं। अध्ययनशील होने के अलावा, वे बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के प्रशंसक हैं। उन्हें कॉमेडी फिल्में देखना पसंद है। उन्हें अपना हर काम खुद करना पसंद ह...

परम सिंह की जीवनी

Image
परम सिंह यह कहना है एक्टर परम सिंह का लाइफ बहुत खूबसूरत है, इसे यूं ही गवां देने से अच्छा है कि इसके हर पल को एंजॉय किया जाए। यही कारण है कि मैं भविष्य की टेंशन लेने के बजाए वर्तमान में जीना और एंजॉय करना पसंद करता हूं। यह कहना है एक्टर परम सिंह का। वह सोमवार को लाइफ ओके के शो गुलाम के प्रमोशन के लिए इंदौर में थे। इस दौरान पत्रिका से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि हम सभी अपने फ्यूचर और पास्ट को लेकर इतने उलझे रहते हैं कि प्रजेंट को भूल जाते हैं। मैं ऐसा नहीं करना चाहता, इसलिए प्रजेंट में ही जीता हूं। हीरोइन का किरदार निभाकर बना स्कूल का हीरो  मैं बचपन में बहुत शर्मिला और इंट्रोवर्ट था। जब मैं 8वीं में पढ़ता था तब स्कूल की हिस्ट्री टीचर ने हेलेन ऑफ ट्राय प्ले में मुझे हीरोइन का लीड कैरेक्टर प्ले करने के लिए कहा। मैंने इनकार किया तो उन्होंने कहा कि बिना उसके हिस्ट्री में नंबर नहीं मिलेंगे। ऐसे में जब मैंने प्ले किया तो उसे काफी पसंद किया गया और लोगों ने मुझे चिढ़ाया भी, लेकिन हीरोइन का किरदार निभा कर मैं पूरे स्कूल का हीरो बन गया।  इंटेंस रोल क्रिएट करता है स्ट्रेस गुलाम में...

श्रेया सरन की जीवनी

Image
श्रेया सरन जीवनी श्रेया सरन(Tamil: ஷ்ரேயா சரன்)  एक भारतीय बॉलीवुड मॉडल व अभिनेत्री हैं।  जो हिंदी समेत मलयालम, कन्नड़, तमिल ,तेलगु फिल्मों में सक्रीय हैं। श्रेया कॉलीवुड की लीडिंग एक्ट्रेसेस में से एक हैं। पृष्ठभूमि श्रेया का जन्म 11 सितम्बर 1982 को उत्रराखण्ड के हरिद्वार में हुआ था।  श्रेया के पिता का नाम पुष्पेन्द्र सरन हैं जोकि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड में कार्यरत हैं।  उनकी माँ का नाम नीरजा सरन जो दिल्ली पब्लिक स्कूल में केमेस्ट्री की अध्यपिका हैं।  श्रेया का एक भाई भी है, अभिरूप।  श्रेया का पूरा बचपन उनके जन्मस्थान हरिद्वार में ही बिता।  पढ़ाई- श्रेया ने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर और हरिद्वार से पूरी की।  स्कूली पढ़ाई खत्म होने के बाद श्रेया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज से लिट्रेचर में स्नातक किया।  सरन की माँ टीचर होने के साथ-साथ एक बेहद अच्छी कथक डांसर भी थीं। सरन ने  में अपनी माँ से कथक डांस और राजस्थानी फोक डांस सीखा। उसके बाद सरन ने कथक डांस में पारंगत होने के लिए शोवना नारयण से ट्रेन...

हार्डी संधू जीवनी | Hardy Sandhu Biography

Image
हार्डी संधू जीवनी | Hardy Sandhu Biography हार्डी संधू एक पंजाबी और बॉलीवुड गायक व अभिनेता हैं. इनका पूरा नाम हरविंदर सिंह संधू है. इन्हे अपने करियर की सबसे पहले सफलता गाना “सोच” (2012) और उसके बाद जोकर (2014) के से मिली. इन्होने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत “यारां डा केचप” (2014) से की. इनका गाना “सोच” लोगों को इतना पसंद आया की 2016 में आयी अक्षय कुमार की फिल्म “एयरलिफ्ट” में इनके गाने को दोबारा से प्रदर्शित किया गया. असली नाम:  हरदेविंदर सिंह संधू उपनाम:  हार्डी व्यवसाय:  अभिनेता, मॉडल, गायक जन्मदिन:  6 सितम्बर 1986 जन्म स्थान:  पटिआला, पंजाब, भारत उम्र:  6 सितम्बर 1986 से अभी तक राशि नाम:  कन्या जाति:  जट धर्म:  सिख राष्ट्रीयता:  भारतीय पहली फिल्म:  यारां डा कैचअप (2014) पहला गाना:  टेक्विला शॉट (2012) घर:  पटिआला, पंजाब, भारत पता:  पंजाब शौक:  जिम्मिंग लम्बाई:  5’7” बजन:  75 Kg शरीर माप:  छाती-38′, कमर-30”, बाइसेप्स-१३” बालों का रंग:  भूरा आँखों का रंग:  काला स्कूल:  नहीं पत...

योगेंद्र यादव की बहादुरी की अविश्वसनीय कहानी

Image
परमवीर चक्र से सम्मानित सबसे कम उम्र के वीर सैनिक योगेंद्र यादव की बहादुरी की अविश्वसनीय कहानी 4 मई, 1999 को रात में, इक्कीस भारतीय सैनिकों ने जम्मु-कश्मीर के द्रास-कारगिल क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी, टाइगर हिल की यात्रा शुरू की। 7 सैनिकों का एक समूह बाकी लोगों से आगे निकल गया और शीर्ष पर पहुंच गया। 19 साल के सैनिक सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव भी उन 7 सैनिकों में से एक थे, जिन्होंने इसे टाइगर हिल की चोटी पर बनाया था। कारगिल युद्ध के दौरान यह उनकी असाधारण बहादुरी की कहानी है। औरंगाबाद अहीर गाँव से निकलकर यादव उस समय भारतीय सेना में शामिल हो गए थे जब उनकी उम्र केवल 16 वर्ष और 5 महीने थी। उनकी कमांडो पलटन घातक को टाइगर हिल पर तीन रणनीतिक बंकरों को केप्चर की जिम्मेदारी दी गई थी। हाई स्कूल से बाहर, यादव सिर्फ 2.5 साल के लिए सेवा में थे। उन्हें अनुभव नहीं था, लेकिन उन्हें अपनी मातृभूमि से बेहद प्यार था। जब उनकी बटालियन 18वीं ग्रेनेडियर्स 5 मई, 1999 को सुबह तड़के चोटी पर पहुंच गई, तो उनका सामना दुश्मन सैनिकों के तीन हमलों से हुआ। पर्याप्त...

बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी जीवनी | Pankaj Tripathi Biography

Image
  बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी जीवनी | Pankaj Tripathi Biography गैंग्स ऑफ वासेपुर में एक जानलेवा कसाई की भूमिका निभाने वाले पंकज त्रिपाठी एक छोटी सी जगह से हैं. छोटी सी जगह से उठकर बड़े पर्दे पर अपना नाम कमाना कोई आसान बात नहीं है, पर कुछ लोग हैं जो बिना किसी गॉड फादर के भी पर्दे पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं और सही मायनों में हमारा असली कलाकार भी वही होता है. पंकज त्रिपाठी भी उन्हीं में से एक नाम है. जिसने पर्दे पे अपनी छाप कुछ इस तरह छोड़ी है कि वे काफी पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे. आइये आज हम देखते हैं कि कैसे बिहार के एक किसान के घर में जन्मे एक लड़के ने पर्दे पर अपनी छाप बनाई. पंकज त्रिपाठी 5 सितंबर 1976 को बिहार के छोटे से गांव बेलसंद(नजदीक गोपालगंज) में जन्मे थे. पंकज 44(2020 के अनुसार) वर्ष के हैं. पंकज के पिता पण्डित बनारस तिवारी पेशे से एक किसान थे और माता हेमवंती तिवारी गृहणी. पंकज 4 भाई और 2 बहनों में सबसे छोटे हैं. नाम (Name) पंकज त्रिपाठीजन्म (Date of Birth) 5 सितंबर 1976 आयु 44 वर्ष (2020 तक) जन्म स्थान (Birth Place) गांव बेलसंद, बिहार पिता का नाम (Father Name) पण्डित ...

शक्ति कपूर की जीवनी

Image
  शक्ति कपूर जीवनी सुनील सिकन्दरलाल कपूर उर्फ़ शक्ति कपूर एक भारतीय अभिनेता हैं। वह हिंदी सिनेमा में अपनी खलनायकी और कॉमिक टाइमिंग के लिए के लिए जाने जाते हैं। शक्ति कपूर का जन्म एक बेहद निम्‍न मध्यमवर्गीय पंजाबी परिवार में 3 सितंबर 1958 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक दर्जी की दुकान चलाते थे। उनके नाम बदलने के पीछे भी एक वजह है, दरअसल जब सुनील दत्त साहब ने संजय दत्त स्टारर फिल्म रॉकी में विलेन का रोल ऑफर किया तो उन्हें अपना नाम सुनील कपूर विलेन की तरह नही लगा, इसीलिए उन्होंने अपना नाम बदलकर शक्ति कपूर कर लिया।  पढ़ाई  उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में ही सम्पन्न की हैं। वह दिल्ली यूनवर्सिटी के करोड़ी मॉल कॉलेज से ग्रेजुएट हैं।   शादी   शक्ति कपूर की शादी शिवानी कपूर से हुई हैं।  उनकी दो बच्चे हैं, एक बेटा-सिद्धार्थ कपूर जोकि एक सहायक निर्देशक और डीजे हैं। उनकी बेटे श्रद्धा कपूर हैं, जोकि हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं।   शक्ति कपूर की फिल्मोग्राफी  करियर  शक्ति कपूर फिल्म इंडस्ट्री...

अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से निधन

Image
  अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से निधन अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। मुंबई पुलिस के सूत्रों ने बताया, अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के शरीर पर कोई चोट नहीं आई है। बॉलीवुड के सुपरस्टार और बिग बॉस के होस्ट सलमान खान ने भी सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ शुक्ला के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सिद्धार्थ शुक्ला के परिवार ने मुंबई पुलिस को बताया है कि उनकी मौत में कोई साजिश नहीं है। वे नहीं चाहते कि एक्टर की मौत को लेकर अफवाह उड़े। परिजन अभी भी कूपर अस्पताल में पीएम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। कुछ ही देर में सिद्धार्थ शुक्ला का पोस्टमार्टम खत्म होगा। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कभी भी आ सकती है। जिसके बाद पार्थिव शरीर को परिवार को सौंप दिया जाएगा। फराह खान ने सिद्धार्थ शुक्ला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है- वह लिखती हैंं कि इस साल इससे ज्यादा खराब क्या हो सकता है। सिद्धार्थ की मौत से मैं बहुत दुखी हूं। सिद्धार्थ के घर पर हैं आसिम रियाज बिग बॉस 13 में सिद्धार्थ शुक्ला के दोस्त से दुश्मन बने आसिम रियाज भी उनके घर मौजूद हैं। आसिम इस वक्त उनकी मां के साथ ...

Vivek Oberoi | विवेक ओबराय की जीवनी

Image
Vivek Oberoi विवेक ओबराय 2002 में आई फिल्म ‘कंपनी’ में विवेक ओबराय के काम को देखकर उस समय लोगों को लगा कि विवेक आने वाले वक्त में बॉलीवुड में बुलंदियों को छुएंगे. उनकी पहली फिल्म ने उन्हें स्टार बना दिया था. इसके बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर भी मिलने लगे. लेकिन जिंदगी में उनका सामना कुछ ऐसे लोगों से भी हुआ जिसकी वजह से इस स्टार का जादू धीरे–धीरे खत्म होता गया. आज वह फिल्मों में साइड, सपोर्टिव और विलेन का रोल निभाते हैं. विवेक ओबेराय जन्म आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में 3 सितंबर सन्‌ 1976 को हुआ. उनके पिता सुरेश ओबेराय हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने कलाकार हैं. विवेक की शिक्षा राजस्थान के अजमेर में हुई है. उन्हें हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी, कैनैडियन सहित आदि देशी-विदेशी भाषाओं में पकड़ है. विवेक ओबेराय ने न्यूयॉर्क  से एक्टिंग में मास्टर डिग्री भी हासिल की है. विवेक ओबराय शादी के बंधन में बंधे बॉलीवुड स्टार विवेक ओबराय और प्रबंधन में स्नातक प्रियंका अल्वा से अक्टूबर 2010 में शादी की. विवेक ने बेंग्लुरू में कर्नाटक के पूर्व मंत्री दिवंगत जीवराज अल्वा और प्रख्यात नृत्यांगना...

भारत के त्यौहार | FESTIVALS OF INDIA

Image
भारत के त्यौहार हमारा देश विभिन्नताओं के समूह का एक ऐसा देश है, जो अत्यंत दुर्लभ है और अद्भुत भी है। इस दुर्लभता ओर अदभुत स्वरूप में आनंद और उल्ल्लास कि छटा दिखाई देती है। हमारे देश मे जो भी त्यौहार या पर्व मनाए जाते है, उनमे अनेकरूपता दिखाई पड़ती है। कुछ त्यौहार ऋतू ओर मौसम के अनुसार मनाए जाते है, तो कुछ सांस्कृतिक या किसी घटना विशेष से सम्बंधित होकर सम्पन्न होते है। हमारे देश में त्यौहार का जाल बिछा हुआ है। यो कहा जाए, जो कोई बहुत बड़ी अत्युक्ति अथवा अनुचित बात नहीं होगी कि यहाँ आये दिन कोई-न-कोई त्यौहार पड़ता ही रहता है। ऐसा इसलिए कि हमारे देश के ये त्यौहार किसी एक ही वर्ग, जाती या सम्प्रदाय से ही सम्बंधित नहे होते हैं अपितु ये विभिन्न्न वर्गों, जातियों और सम्प्रदायों के द्वारा सम्पन्न और आयोजित होते रहते है। इसलिए ये त्यौहार धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक होते है। इन सभी प्रकार के त्यौहार का कुछ न कुछ विशिष्ट अर्थ होता है। इस विशिष्ट अर्थ के साथ इनका कोई न कोई महत्व भी अवश्य होता है। इस महत्व में मानव की प्रकृति और दशा किसी-न-किसी रूप में अवश्य झलकती है। त्यौहरो का महत्तव:- ...

जमयांग सेरिंग नामग्याल | Jamyang Tsering Namgyal

Image
जमयांग सेरिंग नामग्याल  Ja myang Tsering Namgyal देश भर में धारा 370 के मुद्दे पर चर्चाओं का दौर अभी तक रुका नहीं है, लेकिन इन सबके बीच एक नाम ऐसा भी है जो सबसे ज्यादा वाहवाही लूट रहा है। छह अगस्त को धारा 370 पर बहस के दौरान इस सांसद ने पुरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। लोकसभा में जमकर तालियां बटोरीं। ये शख्स लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल (Jamyang Tsering Namgyal) हैं। हिंदी में दिए भाषण को सुनकर संसद में कभी ठहाके और तो कभी भारत माता की जय के नारे लगे।विपक्षियों को जमकर निशाने पर लिया, सभी मुद्दों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट भी दिखाई। उनके भाषण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर किया। जामयांग सेरिंग नामग्याल अब सोशल मीडिया पर भी अच्छे खासे छाये हुए हैं। 6 महीने पहले ही जामयांग सेरिंग नामग्याल की शादी हुई है। पत्नी डॉ सोनम वांगमो सरकारी कॉलेज में ऐसोसिएट प्रोफेसर है। संघर्ष भरा रहा बचपन   नामग्याल साधारण परिवार से हैं। जामयांग सेरिंग नामग्याल का जन्म 4 अगस्त 1985 को जम्मू-कश्मीर के लेह में माथो गांव में हुआ था। उनके पिता स्टैनजिन दो...

जग्गय्या (अभिनेता) Jaggayya (Actor)

Image
जग्गय्या (अभिनेता)  Jaggayya (Actor) जन्म (1926-12-31) 31 दिसंबर 1926 मृत्यु 5 मार्च 2004 (2004-03-05)  (आयु 77 वर्ष) अन्य नाम कलावचस्पति and कंचू कंथम पुरस्कार पद्म भूषण 1992 कोंगारा जग्गय्या (31 दिसंबर 1926 - 5 मार्च 2004) भारतीय फिल्म अभिनेता, साहित्यकार, पत्रकार, गीतकार, डबिंग कलाकार और राजनेता अपने कामों के लिए जाने जाते थे। मुख्य रूप से तेलुगु सिनेमा और तेलुगु थिएटर में। भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन मेथड एक्टर्स में से एक के रूप में जाने जाने के बावजूद, उन्हें अपनी धमाकेदार आवाज के लिए कांचू कंथम जग्गय्या (तेलुगु ) के रूप में जाना जाता था। एक फ़िल्मी करियर में चालीस साल तक मैटिनी आइडल के रूप में, उन्होंने एक लीड एक्टर के रूप में अस्सी फिल्मों में अभिनय किया, और कई प्रकार की शैलियों में मुख्य प्रतिद्वंद्वी थेl  अपने शुरुआती करियर के दौरान उन्होंने अभिनय किया। डोंगा रामुडु (1955), जो फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा संग्रहीत किया गया था, जैसे कामों में सफलता के पात्र, उन्होंने पुरस्कार जीतने वाले कामों में अभिनय किया, जैसे बंगारु पापा (1954), अ...

जन्माष्टमी पर्व

Image
जन्माष्टमी पर्व प्रस्तावना -   जन्माष्टमी पर्व को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व पूरी दुनिया में पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी को भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण युगों-युगों से हमारी आस्था के केंद्र रहे हैं। वे कभी यशोदा मैया के लाल होते हैं, तो कभी ब्रज के नटखट कान्हा। जन्माष्टमी कब और क्यों मनाई जाती है : - भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। एक समय आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का 8वां पुत्र उसका वध करेगा। यह सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी को उसके पति वासुदेवसहित काल-कोठारी में डाल दिया। कंस ने देवकी के कृष्ण से पहले के 7 बच्चों को मार डाला...

रविशंकर प्रसाद की जीवनी

Image
  एक वकील और राजनेता रविशंकर प्रसाद की जीवनी – Ravishankar Prasad Life Biography In Hindi पार्टी में अनेक ऊँचे पदों पर रहे हैं. प्रसाद सरकार में कोयला एवं खनन, न्याय और विधि मंत्रालय तथा सुचना एवं प्रसारण में राज्य मंत्री भी रह चुके हैंl नाम – रवि शंकर प्रसाद जन्म – 30 अगस्त 1954, पटना, बिहार पिता का नाम – ठाकुर प्रसाद माता का नाम- विमला प्रसाद शादी – डॉ माया शंकर प्रसाद बच्चे – एक पुत्र और एक पुत्री रवि शंकर प्रसाद का जन्म बिहार के पटना में 30 अगस्त सन 1954 को मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. इनकी शादी डॉ माया शंकर के साथ हुई. इनकी शिक्षा पटना विश्वविद्यालय से बी. ए. आनर्स, एम. ए. (राजनीति विज्ञान) और एल. एल. बी. की डिग्रियां प्राप्त की हैं. रविशंकर के पिताजी का नाम ठाकुर प्रसाद पटना उच्च न्यालय में एक वकील थे. रविशंकर की पत्नी अभी पटना विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर हैंl रविशंकर की राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्र नेता से हुई. जब देश में आपातकाल के समय प्रमुख आन्दोलनकारी जय प्रकाश नारायण की अगुवाई में बिहार में एक छात्र नेता के रूप में आन्दोलन में हिस्सा...

नेहा कक्कड़ कर्ज में डूबे गीतकार की मदद के लिए आगे आईं, संतोष आनंद को 5 लाख रुपए दिए।

Image
नेहा कक्कड़ कर्ज में डूबे गीतकार की मदद के लिए आगे आईं, संतोष आनंद को 5 लाख रुपए दिए। संतोष आनंद ने कहा था कि वह आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हो गए हैं। उनके पास बहुत सारा कर्ज है और लगातार परेशानी में पड़ रहा है। उनकी यह स्थिति को देख भावुक नेहा कक्कड़ ने तुरंत अपनी ओर से पांच लाख रुपये दान देने की घोषणा की। आपको यह जान कर आश्चर्य होगा की संतोष आनंद ने लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के साथ विभिन्न गीत भी गाए है। नेहा कक्कर बहुत अच्छी गायिका हैं और वह एक बहुत अच्छी अभिनेत्री भी हैं। नेहा कक्कर के दान के बाद, हम बता सकते हैं कि उसके पास बहुत बड़ा दिल भी है।