Skip to main content

WhatsApp Status

FAMOUS HINDI NEWS CHANNEL OF INDIA

👉AAJTAK

AAJTAK launched in date 31 December 2000 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India



 

👉ZEE NEWS

ZEE NEWS launched in date 27 august 1999 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India


 

  👉NDTV

NDTV launched in year 2003 and it’s headquarter is settled in New Delhi, India



 

 👉INDIA TV

INDIA TV launched in date 20 may 2004 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India



 

 👉ABP NEWS

ABP NEWS launched in date 18 February 1998 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India



 

 👉DD NEWS 

DD NEWS launched in date 03 November 2003 and it’s headquarter is settled in New Delhi, India



 👉ZEE HINDUSTAN

Zee Hindustan launched in May 2017



 

👉NEWS 18 INDIA

NEWS 18 INDIA launched in year 2005 and it’s headquarter is settled in New Delhi, India



 

👉NEWS NATION 

NEWS NATION launched in date 14 February 2013 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India



 

👉NEWS 24 

NEWS 24launched in year 2007 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India



 

👉TOTAL TV 

TOTAL TV launched in date 01 October 2007 and it’s headquarter is settled in Noida, Uttar Pradesh, India


 

👉REPUBLIC BHARAT

REPUBLIC BHARAT launched in date 02 February 2019 and it’s headquarter is settled in Mumbai, Maharashtra, India



 












Comments

Popular posts from this blog

अनुराग कश्यप की जीवनी

अनुराग कश्यप उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जन्मे अनुराग कश्यप आज बॉलीवुड में एक मशहूर फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता और अभिनेता है। इनका जन्म 10 सितंबर 1972 को गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। वर्तमान में यह मायानगरी मुंबई में रहते है। अनुराग कश्यप ने बहुत ही कम समय में एक अच्छे फिल्म डायरेक्टर बन गए है जो किसी के लिए इतना आसान नहीं होता है। अनुराग कश्यप का परिवार –  इनके पिता का नाम प्रकाश सिंह है, माता का नाम ज्ञात नहीं है, अभिनव कश्यप (फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक) इनके भाई है, अनुभूति कश्यप इनकी बहन है, वर्तमान में यह तलाकशुदा है। इनकी दो पत्नी रह चुकी है एक का नाम आरती बजाज, फिल्म संपादक (2003-2009) है, और दूसरी जना का नाम है कल्कि कोचलिन (Kalki Koechlin) (2011-2015), इनकी एक बेटी है जिसका नाम आलिया कश्यप है। वास्तविक नाम – अनुराग सिंह कश्यप वर्तमान नाम – अनुराग कश्यप जन्म – 10 सितंबर 1972 जन्म स्थान – गोरखपुर, उत्तर प्रदेश प्रोफेशन – फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता और अभिनेता Anurag Kashyap Height – 178 Cm Anurag Kashyap Age – 48 Years Anura...

रविचंद्रन अश्विन की जीवनी

रविचंद्रन अश्विन रविचंद्रन अश्विन एक भारतीय क्रिकेट आलराउंडर खिलाड़ी हैं जो गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों के लिए जाने जाते हैं। 2016 में, वे राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के बाद एकमात्र भारतीय बन गए जिन्होंने आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार जीता। 2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट करियर शुरुवात करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने अबतक 300 से ज्यादा टेस्ट में विकेट ले चुके हैं वही एकदिवसीय मैच में 150 विकेट से ज्यादा हैं. रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितम्बर 1986 को एक तमिल परिवार में हुआ। वह मेम्बलम पश्चिम चेन्नई में रहते हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा पद्म शेषाद्रि बालभवन तथा सेंट बेद से प्राप्त की। एस एस एन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से उन्होंने इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में बी टेक की डिग्री प्राप्त की। उनके पिता रविचंद्रन क्लब में तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर क्रिकेट खेलते थे इन्ही अश्विन को क्रिकेट की प्रेरणा मिली। अश्विन की माँ चित्रा ने उनकी लंबी गेंदबाज़ी रन अप में समस्या को देखते हुए उन्हें स्पिन गेंदबाजी की सलाह दी। 13 नवम्बर 2011 को उन्होंने अपनी बचपन की दोस्त प्रीति नारायणन से विवाह किया। 11 जुलाई 2015 को उनकी...

हमारे बदलते गाँव

प्रस्तुत पाठ में गाँवों के बदलते स्वरूप का वर्णन किया गया है । यह भी बताया गया है कि इन बदलावों से गाँवों पर अच्छे और बुरे प्रभाव पड़े हैं और नई पीढ़ी गाँवों के विकास में योगदान दे सकती है । रेलगाड़ी ने स्टेशन छोड़ा । धीरे - धीरे स्टेशन पीछे छूटने लगा दादा ने चश्मा ठोक किया और किताब खोली । मोनू खिड़की से बाहर झाँक रहा था । अचानक उसने दादा जो का हाथ पकड़कर खींचा और कहा , " दादा जी देखिए सफ़ेद बकरियाँ " दादा जो ने खिड़की के बाहर देखा , फिर मुस्कुराकर बोले , “ मोनू बाबू , ये बकरियाँ नहीं भेड़ें हैं । " मोनू का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया । " इतनी सारी भेड़ें एक साथ ! " दादा जी ने किताब बंद करके एक ओर रख दी और मोनू से बोले , " भेड़ - बकरियों को तो हमेशा झुंड में ही पालते हैं । अब शाम घिर आई है इसलिए चरवाहे इन्हें वापस घर ले जा रहे हैं । बेटा , यह तो गाँवों का बड़ा स्वाभाविक सा दृश्य है कि सुबह पशु चारागाह * में चराने के लिए ले जाए जाते हैं और शाम को वे सब अपने - अपने घर लौट आते हैं । ' “ क्या जानवरों का भी घर होता है ? " मोनू ने पूछा । दादा जी के मुँ...