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परम सिंह की जीवनी

परम सिंह

यह कहना है एक्टर परम सिंह का
लाइफ बहुत खूबसूरत है, इसे यूं ही गवां देने से अच्छा है कि इसके हर पल को एंजॉय किया जाए। यही कारण है कि मैं भविष्य की टेंशन लेने के बजाए वर्तमान में जीना और एंजॉय करना पसंद करता हूं। यह कहना है एक्टर परम सिंह का। वह सोमवार को लाइफ ओके के शो गुलाम के प्रमोशन के लिए इंदौर में थे। इस दौरान पत्रिका से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि हम सभी अपने फ्यूचर और पास्ट को लेकर इतने उलझे रहते हैं कि प्रजेंट को भूल जाते हैं। मैं ऐसा नहीं करना चाहता, इसलिए प्रजेंट में ही जीता हूं।

हीरोइन का किरदार निभाकर बना स्कूल का हीरो 
मैं बचपन में बहुत शर्मिला और इंट्रोवर्ट था। जब मैं 8वीं में पढ़ता था तब स्कूल की हिस्ट्री टीचर ने हेलेन ऑफ ट्राय प्ले में मुझे हीरोइन का लीड कैरेक्टर प्ले करने के लिए कहा। मैंने इनकार किया तो उन्होंने कहा कि बिना उसके हिस्ट्री में नंबर नहीं मिलेंगे। ऐसे में जब मैंने प्ले किया तो उसे काफी पसंद किया गया और लोगों ने मुझे चिढ़ाया भी, लेकिन हीरोइन का किरदार निभा कर मैं पूरे स्कूल का हीरो बन गया। 

इंटेंस रोल क्रिएट करता है स्ट्रेस
गुलाम में मैंने रंगीला का किरदार निभाया है। इस शो में काफी सीरियस इश्यु को उठाया गया है। उनमें मेरा इन्वॉल्वमेंट भी काफी इंटेंस है। कैरेक्टर को प्ले करने के लिए आपको खुद को उस सिचुएशन में रख कर सोचन पड़ता है। ऐसे में कई बार शूट खत्म होने के बाद मैं स्ट्रेस फील करता हूं। यही वजह है कि मैं योग और मेडिटेशन करता हूं। 

महिलाओं के साथ अब भी होता है भेदभाव
भले हमारा समाज मार्डनाइजेशन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन महिलाओं के साथ भेदभाव खत्म नहीं हुआ है। लोग बातें तो करते हैं, लेकिन पर उसे अप्लाय करने की बारी आती है तो बदल जाते हैं। इस शो में मेरा किरदार भी गांव की महिलाओं को उनके हक के लिए लडऩे के लिए इंस्पायर करने का है।

अपटेड नहीं रह पाने का होता है अफसोस
पिछले 3 महीने से मैंने कोई ऑफ नहीं मनाया है। दिन में 14 घंटे तक शूट करना पड़ता है। ऐसे में खुद को करंट अफेयर्स से अपटेड नहीं रख पाता हूं, जिसका मुझे बहुत अफसोस रहता है। जब भी मेरे दोस्त मुझे किसी लैटेस्ट हलचल या फिर किसी मुद्दे के बारे में बात करते हैं तो तब मुझे लगता है कि यह कब हुआ?

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